बाबा की पोटली या पोटली बाबा की... जो भी कह लो...

Friday, July 17, 2015

रवि की डायरी के कुछ पन्ने



Posted by vkm at 9:23:00 AM No comments:
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest
Newer Posts Older Posts Home
Subscribe to: Comments (Atom)

पोटली बाबा की

हम सभी का जीवन एक पोटली है...असल ये पूरी दुनियां, ये पूरी सृष्टी ही पोटली है बाबा की...जो कुछ भी मिला है...वो इसी पोटली से...जो कुछ भी जान समझ पायें हैं...वो इसी पोटली के ज़रिये...इसीलिए ये नाम ताकि हमेशा ये बात याद रहे कि मैंने जो लिखा या मुझसे जो लिखा गया वो इस पोटली का ही दिया हुआ है...मेरी तो बस अभिव्यक्ति है...साहिर का एक शेर इस बात को बहुत ही सुन्दर तरीके से रखता है...


दुनियां ने तजुरबातो-हवादीस की शक्ल में
जो कुछ मुझे दिया है वो लौटा रहा हूँ मैं

पुराने पोस्ट

  • ►  2026 (2)
    • ►  January (2)
  • ►  2025 (5)
    • ►  July (2)
    • ►  February (2)
    • ►  January (1)
  • ►  2024 (1)
    • ►  October (1)
  • ►  2022 (1)
    • ►  May (1)
  • ►  2020 (2)
    • ►  September (1)
    • ►  June (1)
  • ►  2019 (3)
    • ►  December (3)
  • ►  2018 (6)
    • ►  July (1)
    • ►  June (3)
    • ►  April (2)
  • ►  2017 (5)
    • ►  December (1)
    • ►  September (2)
    • ►  June (2)
  • ►  2016 (21)
    • ►  November (1)
    • ►  October (1)
    • ►  September (3)
    • ►  June (4)
    • ►  May (1)
    • ►  April (3)
    • ►  March (3)
    • ►  February (3)
    • ►  January (2)
  • ▼  2015 (13)
    • ►  December (1)
    • ►  October (4)
    • ►  September (1)
    • ►  August (3)
    • ▼  July (1)
      • रवि की डायरी के कुछ पन्ने
    • ►  May (1)
    • ►  January (2)
  • ►  2014 (14)
    • ►  December (3)
    • ►  November (1)
    • ►  October (3)
    • ►  September (1)
    • ►  August (4)
    • ►  April (1)
    • ►  January (1)
  • ►  2013 (8)
    • ►  November (1)
    • ►  October (2)
    • ►  September (1)
    • ►  July (1)
    • ►  May (1)
    • ►  February (1)
    • ►  January (1)
  • ►  2012 (4)
    • ►  December (1)
    • ►  August (1)
    • ►  January (2)
  • ►  2011 (18)
    • ►  December (3)
    • ►  November (2)
    • ►  May (1)
    • ►  April (3)
    • ►  March (4)
    • ►  February (5)

Search This Blog

लोकप्रिय पोस्ट

  • कहने को तो (यादें हॉस्टल की)
    मैंने इंजीनियरिंग की पढाई की है, पर पढाई करने भर से तो कोई वो बन नहीं  पाता जिसकी पढ़ाई की हो, तो अपने साथ भी वैसा ही है. मुझसे कहीं ज्यादा ब...
  • प्रधानमंत्री मोदी के नाम एक चिठ्ठी
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, बीती 10 तारीख मैं अपने घरेलू राज्य मध्यप्रदेश पहुंचा। लंबे सफर की थकान थी, तबीयत भी कुछ नासाज़ थी; लेकिन ज...
  • पुल का इंतजार
    पुल इंतजार करता रहा नदी नही आई लेकिन अब उसका इंतजार मिट गया है आ गए हैं नदी को पाटकर पूर्ण विकसित आवासीय प्लाट
  • सुबह सवेरे
    गांव की पगडंडी, टहल रहा हूं मैं ... सामने है, बिजली के ऊंचे-ऊंचे खम्बों से झूल रही मोटी-मोटी तारों के उस पार नई सुबह का नया-नया...
  • कहां गईं वो छिब्बी वालियां?
    "ओ अम्मा, तीन छिब्बी और डलेगा कोयला, अभी तो बस चार  ही हुई हैं।" "अब से चार ही मिलहीं बबुआ, गैस आ गई ना।"   ये...

पिछलग्गू

My Blog List

  • बाल सजग
    A step out of the world - * POEM * Don't follow the crowd Make a path which could led the crowd Do the things you and your heart want's Nothing is impossible, just need to try a ...
    1 week ago
  • बचपन के रंग
    क्या आप राम की मदद करेंगे. -
    8 years ago
  • गुलमोहर
    आवाज़ -
    8 years ago
  • Another Shade of Grey
    I am - here now if you wish to follow. The goal of this blog was to share with you the creativity of others I admire and beautiful things from all over the world....
    14 years ago
  • vkm
    - कुत्ते ये गलियों के आवारा बेकार कुत्ते कि बख़शा गया जिन्हें ज़ौके-गदाई ( भीख माँगने का काम ) ज़माने की फटकार सरमाया ( दौलत ) इनका जहाँ भर की दुत्कार इनकी कमाई...
    15 years ago
  • तस्वीर
    -

Total Pageviews

बाबा की पोटली या पोटली बाबा की... जो भी कह लो...

कुछ मेरे बारे में

My photo
vkm
शिव मंगल सिंह सुमन जी की एक कविता "चलना हमारा काम है" की कुछ लाइनें हैं जो कि मुझे लगता है हममे से हर किसी का परिचय हो सकती हैं.

कुछ कह लिया, कुछ सुन लिया, कुछ बोझ अपना बंट गया
अच्छा हुआ तुम मिल गए, कुछ रास्ता ही कट गया
क्या राह में परिचय कहूं, राही हमारा नाम है
चलना हमारा काम है...
View my complete profile
vkm. Picture Window theme. Powered by Blogger.